यूसुफ पठान ने 19 चौ,कों और 10 छ,क्‍कों से जड़ा दोह,रा शतक, रचा था इतिहास

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अगर आपसे कोई ये सवाल पूछे कि क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्‍य हासिल करने का रिकॉर्ड किस टीम के नाम है तो इसका जवाब तलाशना इतना आसान नहीं होगा. और अगर आपको ये बताया जाए कि इस लक्ष्‍य को हासिल करने में भारतीय बल्‍लेबाज यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) का योगदान सबसे ज्‍यादा अहम है तो ये भी कम हैरानी की बात नहीं होगी. मगर सच यही है. ये करिश्‍मा दस साल पहले 2010 में हुआ था.

2010 में आज ही के दिन खत्‍म हुए इस प्रथम श्रेणी मैच में यूसुफ पठान की टीम ने रिकॉर्ड 536 रनों का लक्ष्‍य हासिल कर इतिहास रचा था. कमाल की बात ये है कि इस मैच में कुल पांच शतक लगे. जिनमें से चार शतक दो खिलाडि़यों ने लगाए. आइए चलते हैं इस शानदार सफर पर.भारत की घरेलू क्रिकेट के अहम टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी का ये फाइनल मुकाबला वेस्‍ट जोन और साउथ जोन के बीच 2 से 6 फरवरी तक हैदराबाद में खेला गया था.


साउथ जोन ने इस मैच में पहले बल्‍लेबाजी की और पहली पारी में 400 रन का स्‍कोर खड़ा किया. इसमें कप्‍तान दिनेश कार्तिक के 226 गेंदों पर 25 चौकों और एक छक्‍के की मदद से बनाए गए 183 रनों का योगदान अहम रहा. उनके अलावा गणेश सतीश ने 53 और चिदंबरम गौतम ने 49 रनों की पारी खेली. वेस्‍ट जोन के लिए इरफान पठान ने पांच विकेट लिए.जवाब में वेस्‍ट जोन की टीम पहली पारी में 251 रनों पर ढेर हो गई. टीम के लिए यूसुफ पठान ने सबसे ज्‍यादा 108 रन बनाए. 76 गेंदों की ताबड़तोड़ पारी में उन्‍होंने 12 चौके और 5 छक्‍के लगाए.

उनके बाद 27 रनों का सर्वाधिक स्‍कोर दसवें नंबर के बल्‍लेबाज धवल कुलकर्णी के बल्‍ले से निकला. साउथ जोन के लिए सबसे सफल गेंदबाज चंद्रशेखर गणपति रहे, जिन्‍होंने पांच विकेट हासिल किए. इसके बाद साउथ जोन ने दूसरी पारी 9 विकेट खोकर 386 रनों पर घोषित कर दी. कप्‍तान कार्तिक का बल्‍ला फिर बोला और उन्‍होंने इस बार 162 गेंदों पर 150 रन बनाए. इस पारी में शामिल रहे 22 चौके. चिदंबरम गौतम ने 88 रनों का योगदान दिया. वेस्‍ट जोन के लिए इस बार पांच विकेट धवल कुलकर्णी के हिस्‍से में आए.

इस तरह वेस्‍ट जोन को जीत के लिए रिकॉर्ड 536 रनों का लक्ष्‍य मिला. चिराग पाठक और हर्षद खादीवाले ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई. चिराग ने 168 गेंदों पर 130 रन बनाए तो हर्षद ने 45 रन बनाए. तीसरे नंबर पर उतरे कप्‍तान वसीम जाफर ने 66 रनों की बेहतरीन पारी खेली. मगर इसके बाद का खेल यूसुफ पठान के नाम रहा. पठान ने मैदान के हर कोने में जमकर रन बटोरे और देखते ही देखते दोहरा शतक जड़क दिया. आखिर में जब पठान नाबाद 210 रन बनाकर पवेलियन लौटे तो इतिहास रचा चुका था.

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