योगी जी ने मुख़्तार अंसारी को लेकर दिया बड़ा बयान, योगी आदित्यनाथ के चंगुल में मुख्तार अंसारी नहीं

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मुख्तार अंसारी को किसी भी मामले में सजा होगी या नहीं होगी ये तो अदालत तय करेगी फिलहाल मुख्तार योगी आदित्यनाथ सरकार के चंगुल में है. मुख्तार को पंजाब से बुलवाकर उत्तर प्रदेश की जेल के सलाखों के पीछे धकेल योगी आदित्यनाथ ने मास्टरगेम खेला है जिसके सूत्रधार वह खुद हैं. जिसका पूरा नफा तो वह तराज़ू में मानों तौले बैठे हों.

मुख्तार अंसारी एक ऐसा नाम है जिसे उत्तर प्रदेश में शायद ही कोई न जानता हो. मुख्तार अंसारी का परिवार देश की सियासत में दबदबा रखता है और बड़े रसूखदार घरानों में जाना जाता है. मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में लाया गया है जिसकी चर्चा जोरोशोर से हो रही है. इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं और इस पूरे घटनाक्रम के अपने समीकरण भी साधे जा रहे हैं.

मुख्तार अंसारी खुद एक नेता रहे हैं और राजनीति में मुख्तार की एक अच्छी खासी पैठ मानी जाती रही है. राजनीतिक रसूख की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल हिस्से में मुख्तार का दबदबा रहा है और इस नाम से ही डर और भय का माहौल रहा है. पूर्वी हिस्से से लेकर दिल्ली की सीमा तक मुख्तार के इशारे पर हर वह काम आसानी से हो जाया करता था जिसे नामुमकिन माना जाता था. मुख्तार अंसारी का परिवार राजनीति के क्षेत्र में पिछले 100 सालों से अधिक समय से रहा है.

मुख्तार के दादा डॉक्टर मुख्तार अहमद अंसारी खुद एक नेता भी थे और स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान 1926-27 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे थे और पाकिस्तान के खिलाफ नौशेरा की लड़ाई लड़ कर भारत को विजय भी दिलाई थी हालांकि इसी युद्ध में वह भारत की ओर से शहीद भी हो गए थे. वह गांधी जी के करीबी नेता भी माने जाते थे. इसी युद्ध में मुख्तार के दादा के साथ मुख्तार के नाना ब्रिगे़डियर उस्मान मुख्तार अंसारी भी शहीद हुए थे जिन्हें पाकिस्तान के खिलाफ नौशेरा की जीत का हीरो भी माना जाता है.

मुख्तार अंसारी के चाचा पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी हैं जिनका रुतबा कांग्रेस पार्टी में किसी से भी छिपा नहीं है. इतने बड़े राजनीतिक और बहादुर घराने में जन्म लेने वाला मुख्तार कब खौफ का नाम बन गया इसकी एक बहुत लंबी दास्तान है. कैसे मुख्तार को बाहुबली माना जाने लगा और किस तरह की दहशत मुख्तार ने पैदा कर रखी थी ये सारी चीज़ों का बखान पिछले कई दिनों से आपके सामने हो रहा है. मुख्तार अंसारी एक ऐसा राजनेता जो जेल की सलाखों के पीछे रहने के बावजूद चुनाव जीत जाया करता है.ये खबर आज तक के आईचौक से ली गयी है ।

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