शाहरुख पठान वापस आया अपने घर, कोर्ट ने दिया था पुलिस को आदेश

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अदालत ने दिल्ली दं’गों से जुड़े मामलों में आरोपी शाहरुख पठान उर्फ खान के प्रति मानवीय रुख अपनाया और उसे अपने बीमार बूढ़े माता-पिता से मिलने की इजाजत देते हुए चार घंटे की कस्टडी परोल दे दी। यह वही शख्स है, जो दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी की ओर बंदूक ताने हुए नजर आया था। संबंधित घटना से जुड़ी उसकी तस्वीर वायरल हो गई थी। अडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत ने कहा कि हालात को देखते हुए वह मानवीय रुख अपनाने के इच्छुक हैं। लिहाजा, शाहरुख पठान उर्फ खान को 23 मई के लिए चार घंटे की कस्टडी परोल दी जाती है। उसे घोंडा स्थित उसके घर ले जाया जाए और वहां पर वह अपने माता-पिता से मिल सकता है। अदालत ने साफ किया कि कस्टडी परोल सिर्फ मां-बाप से उनके घर पर मिलने के लिए दी जा रही है, दूसरे लोगों से मिलने के लिए नहीं।

सेशन जज ने आदेश में कहा कि यह वास्तव में सही है कि शाहरुख पठान पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और उसकी मौजूदा और दूसरे मामलों में दाखिल जमानत अर्जी कई बार खारिज की जा चुकी है। हालांकि, उसने मौजूदा आवेदन अपने पिता से मिलने के लिए दायर किया है, जो 65 साल के वरिष्ठ नागरिक हैं और तमाम तरह की बीमारियों से ग्रसित हैं। 22 मार्च को उनकी कोरोनरी एंजियोग्राफी होने की पुष्टि हो चुकी है।

पठान की ओर से दायर आवेदन में कहा गया था कि उसे 22 मार्च को पिता की सर्जरी वाले दिन जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन पिता की हेल्थ कंडीशन की वजह से वह उनसे तब मिल नहीं सका था। उसके पिता की सेहत चिंताजनक है और वह कुछ घंटे उनके साथ बिताना चाहता है। आवेदन का विरोध करते हुए अभियोजन ने यह तर्क दिया था कि पठान के खिलाफ आरोप गंभीर है और पिता की एंजियोग्राफी के वक्त उसे कस्टडी परोल मिल चुकी है।

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