बिहार में जज बने 22 मुस-लमान, जिनमें शामिल है 7 लड़कियां, देखिये तस्वीरें –

India

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में न्यायिक सेवा में Muस्लिम  युवाओं के अच्छे प्रदर्शन के बाद अब बिहार न्यायिक सेवा के परिणाम में भी Muस्लिम युवाओं की प्रतिभा की मजबूत झलक दिखाई दी है।शुक्रवार को आए बिहार न्यायिक सेवा के परिणाम में 22 Muस्लिम जज बन गए हैं।खास बात यह है इनमें से भी 7 लड़कियां है और इससे भी खास बात यह है।पटना की हिज़ाब पहनने वाली लड़की सनम हयात ने सभी प्रतिभागियों में सर्वश्रेस्ठ रैंक हासिल की है।सनम हयात की दसवीं रैंक है।कड़े संघर्ष के बाद जज बनी झारखंड के बोकारो की बेटी शबनम ज़बी के जज बनने पर भी काफ़ी तारीफ़ बटौर रही है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में 38 Muस्लिमों ने ‘योर ऑनर’ कहलाने का हक़ हासिल किया था।इनमे से 18 लड़कियां थी।हाल ही में राजस्थान न्यायिक सेवा के रिज़ल्ट में 6 Muस्लिम चुने गए जिनमे से पांच लड़कियां थी।बिहार में कुल 22 Muस्लिम जज बने है।इनमें से 7 लड़कियां है।अनुपातिक गणित से लड़कियां यहां पिछड़ गई है मगर बिहार में महिलाओं की स्थिति को देखते हुए यह क़ाबिल ए तारीफ है।

बोकारो के अधिवक्ता इक़बाल अंसारी के मुताबिक लड़कियां जज बन रही है यह भी अपने आप में इंकलाबी बात है।समाज के लोगो का न्यायिक सेवा के प्रतिनिधित्व उन्हें आत्मविश्वास से भर देगा।यूपी राजस्थान के बाद बिहार ने निराश नही किया है।उन्हें बेटियों पर गर्व है।अधिवक्ता इक़बाल की बेटी शबनम ज़बी भी इसी परिणाम में जज बनी है।

शबनम के मुताबिक उनके पिता का ‘काला कोट’ उन्हें बचपन से ही आर्कषित करता था और उन्होंने यह बहुत तय कर लिया था कि उन्हें जज ही बनना है। शबनम का यह दूसरा प्रयास था।उनकी अम्मी किश्वरी सुल्ताना कहती है कि “उन्होंने उनके बच्चों को उनके हिसाब से फैसला लेने का हक़ दिया”।शबनम अलीगढ़ Muस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ी है और यह सफलता उन्हें नौकरी करते हुए मिली।

अलीगढ़ Muस्लिम यूनिवर्सिटी का यहां भी मजबूत दखल है,शबनम के अलावा मोहम्मद अफजल खान,शाद रज्ज़ाक और आदित्य गर्ग भी यहां पढ़कर बिहार में जज बनने में कामयाब हुए हैं।हिज़ाब पहनने वाली लड़की सनम हयात ने इस परिणाम में दसवीं रेंक हासिल की है जोकि मुस्लिमो में सबसे अच्छी है।

शुकवार को परिणाम के मुताबिक 30 वी बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में कुल 1080 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था।जिनमे से 687 चयन किया गया।हालांकि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के परिणाम की तुलना में यह रिज़ल्ट हल्का कहा जा सकता है।मगर पूर्व की तुलना में निराश नही करता।

खासतौर पर 7 लड़कियों का न्यायाधीश बनना सुखद है।जैसे बिहार की युवती शहनाज़ कहती है “निश्चित तौर पर इस बार यह बार यह संख्या बहुत बढ़ जाएगी बहुत लड़कियां इससे प्रेरणा लेने जा रही है”। इस परिणाम को उत्साहवर्धक इसलिए भी माना जा रहा है जैसे कटिहार के क़स्बे शेरशाहीबादी से मासूम खानम भी जज बनने वाली पहली लड़की है।

जज बनी शबनम ज़बी  के मुताबिक उन्हें लगातार लड़कियों की कॉल आ रही है और वो मिलने भी आई है।हालात यह है कि हमारे आसपास,परिवार और रिश्तेदारों में कभी कोई जज नही बना है यह पहली बार है यक़ीनन यह अनुपात बढ़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *