नितीश सरकार ने म-स्जिदों के इमामो के लिए खोला खज़ाना, नही थी किसी को उम्मीद –

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मु-स्लिमों के लिए खजाना खोल दिया है, बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड अब 1057 मस्जिदों के उन सभी मोअज्जिनों और पेशइमामों को मानदेय देने जा रहा है, जो उसके तहत पंजीकृत हैं। ऑपइंडिया के मुताबिक़, पेशइमाम को 15,000 रुपए प्रतिमाह और मोअज्जिन को 10,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाएँगे। बिहार की राजधानी पटना में भी ऐसे 100 म-स्जिदें हैं, जो बोर्ड के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं।

मानदेय देने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सचिव सफीना एएन, विभाग के निदेशक एएए फैजी, बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद इरशादुल्लाह और सीईओ खुर्शीद सिद्दीकी ने समीक्षा बैठक भी की, जिसमें ये निर्णय लिया गया। इस सम्बन्ध में शनिवार (मार्च 6, 2021) को बड़ी बैठक होगी, जिसमें इस पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी।

सुन्नी बोर्ड से पूरे बिहार में 1057 म-स्जिद रजिस्टर्ड हैं। पटना जंक्शन इमाम म-स्जिद, फकीरबाड़ा, करबिगहिया जामा म-स्जिद और कुम्हरार म-स्जिद इनमें प्रमुख हैं। फ़िलहाल इन म-स्जिदों के कर्मचारियों को स्थानीय म-स्जिद कमिटी ही मानदेय या वेतन देती है।

देखते है इस नए नियम पर सरकार कितने दिन कायम रहती है और सबसे बड़ी देखने वाली बात ये होगी कि कोई इस पर उंगली तो नही उठाएगा कही ये नए नियम खेल बन जाएं । क्या नीतीश कुमार अल्पसंख्यक वर्ग को रिझाना चाहते है ? लोग कह रहे है कि अगर ऐसा है तो इमामो को ही क्यों फिर मंदिर के पुजारियों को भी तनख्वाह देनी चाहिए ।

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