मुस्लिम संगठन का ऐलान- वैक्सीन में सु’अर की चर्बी का इस्तेमाल हुआ तो यह इस्लाम के खि’लाफ

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ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए- उलेमा और रजा अकादमी ने चीन में निर्मित कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल नहीं करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर वैक्सीन में सुअर के शरीर की किसी भी चीज का इस्तेमाल किया गया है तो वह इस्लाम के खिलाफ है । दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के लिए वैक्सीन की खोज का काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही महामारी के खिलाफ देश में टीकाकरण शुरू हो जाएगा. लेकिन इस बीच ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए-उलेमा और रजा अकादमी ने चीन में निर्मित कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल नहीं करने का ऐलान किया है ।

ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए-उलेमा और रजा अकादमी ने बुधवार को मुंबई में एक बैठक में फैसला लिया कि चीन में निर्मित कोरोना वैक्सीन में पोर्क जिलेटिन का इस्तेमाल किया गया है इसलिए वे इसका प्रयोग नहीं करेंगे ।

ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए- उलेमा की बैठक
उलेमाओं की बुधवार को हुई बैठक में यह तय किया गया कि अगर वैक्सीन में सुअर के शरीर की किसी भी चीज का इस्तेमाल किया गया है तो वह इस्लाम के खिलाफ है. इस्लाम में सुअर के मांस पर प्रतिबंध है. उलेमाओं का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी दी जाए कि वैक्सीन के इस्तेमाल में किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है.

बताया जाता है कि वैक्सीन में सामान्य तौर पर पोर्क जिलेटिन का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में वैक्सीनेशन से पहले उन मुस्लिमों की चिंता बढ़ गई है, पोर्क से बने उत्पादों के प्रयोग को ‘हराम’ मानते हैं.

गौरतलब है कि कि कोरोना संकट के बीच वैक्सीन का इंतजार दुनियाभर के लोग कर रहे हैं, ऐसे में अब जब वैक्सीन आने वाली है तो एक चर्चा छिड़ गई है कि, क्या वैक्सीन में सुअर की चर्बी का इस्तेमाल हो रहा है? इसके चलते कई मुस्लिम देशों में विवाद चल रहा है. इस विवाद में वैक्सीन हराम है या नहीं, ये चर्चा जोरों पर है ।
रजा अकादमी के सईद नूरी ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि इस वैक्सीन के उपयोग की अनुमति नहीं दे ।

(साभार आजतक से )

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नई दिल्ली : तुर्की को सोने का विशाल भंडार मिला है। स्टेट न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 6 अरब डॉलर यानी करीब 4,432 करोड़ रुपये की कीमत का 99 टन सोना सोगुट शहर में पाया गया है। सोगूट शहर में एग्रीकल्चरल क्रेडिट कोऑपरेटिव और गूब्रेटस उर्वरक उत्पादन कंपनी चलाने वाले फाहरेतीन पोयराज ने इस बात की जानकारी दी।

पोयराज ने कहा कि इसकी कीमत करीब 6 अरब डॉलर होगी। यहां दो साल के अंदर सोने का खनन शुरू कर देंगे ताकि जिससे तुर्की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। इस खबर के बाद गुब्रेटस के शेयर्स में 10% बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पोयराज ने बताया कि उनकी गुब्रेटस उर्वरक कंपनी ने साल 2019 में कोर्ट के फैसले के बाद एक अन्य कंपनी से इस जगह का नियंत्रण हासिल किया था।

ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री फेथ डॉनमेज ने बताया कि सितंबर में तुर्की ने 38 टन सोने का उत्पादन करके रिकॉर्ड तोड़ा था। अगले पांच साल में सोने के सालाना उत्पादन को 100 टन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है ।

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तुर्की के एक शहर में उर्वरक बनाने वाली एक कंपनी के हाथ खजाना लगा है। यहां सोने का विशाल भंडार मिला है। स्टेट न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 6 अरब डॉलर की कीमत का 99 टन सोना यहां पाया गया है। सोगूट शहर में अग्रीकल्चरल क्रेडिट कोऑपरेटिव और गूब्रेटस उर्वरक उत्पादन कंपनी चलाने वाले फाहरेतीन पोयराज ने इस बात की जानकारी दी है ।

उन्होंने बताया है कि खजाने की कीमत 6 अरब डॉलर हो सकती है। दो साल के अंदर यहां से सोने का खनन शुरू कर दिया जाएगा और तुर्की की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जाएगी। जानकारी मिलने के साथ ही गुब्रेटस के शेयर्स में 10% बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पोयराज ने बताया कि उनकी उर्वरक कंपनी ने साइट को साल 2019 में कोर्ट के फैसले के बाद एक कंपनी से हासिल किया था। अब वह इस खोज पर खुद ही काम करेंगे। ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री फेथ डॉनमेज ने बताया कि सितंबर में तुर्की ने 38 टन सोने का उत्पादन करके रेकॉर्ड तोड़ दिया था। अगले पांच साल में सोने के सालाना उत्पादन को 100 टन पहुंचाने का लक्ष्य बनाया गया है ।

(साभार)

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