Home Education प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद ने कहा " किसी ने न्याय को इतनी...

प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद ने कहा ” किसी ने न्याय को इतनी महानता नही दी जितनी इ”स्लाम ने..”

“जहाँ तक हम जानते हैं, किसी धर्म ने न्याय को इतनी महानता नहीं दी जितनी इस् लाम ने। …इस् लाम की बुनियाद न्याय पर रखी गई है। वहाँ राजा और रंक, अमीर और ग़रीब, बादशाह और फ़क़ीर के लिए ‘केवल एक’ न्याय है। किसी के साथ रियायत नहीं किसी का पक्षपात नहीं। ऐसी सैकड़ों रिवायतें पेश की जा सकती है जहाँ बेकसों ने बड़े-बड़े बलशाली आधिकारियों के मुक़ाबले में न्याय के बल से विजय पाई है।

ऐसी मिसालों की भी कमी नहीं जहाँ बादशाहों ने अपने राजकुमार, अपनी बेगम, यहाँ तक कि स्वयं अपने तक को न्याय की वेदी पर होम कर दिया है। संसार की किसी सभ्य से सभ्य जाति की न्याय-नीति की, इस् लामी न्याय-नीति से तुलना कीजिए, आप इस् लाम का पल्ला झुका(भारी) हुआ पाएँगे…।’’

“जिन दिनों इस् लाम का झंडा कटक से लेकर डेन्युष तक और तुर्किस्तान से लेकर स्पेन तक फ़हराता था मुस लमान बादशाहों की धार्मिक उदारता इतिहास में अपना सानी (समकक्ष) नहीं रखती थी। बड़े से बड़े राज्यपदों पर ग़ैर-मुस्लिमों को नियुक्त करना तो साधारण बात थी, महाविद्यालयों के कुलपति तक ईसाई और यहूदी होते थे…”

“यह निर्विवाद रूप से कहा जा सकता है कि इस (समता) के विषय में इस् लाम ने अन्य सभी सभ्यताओं को बहुत पीछे छोड़ दिया है। वे सिद्धांत जिनका श्रेय अब कार्ल मार्क्स और रूसो को दिया जा रहा है वास्तव में अरब के मरुस्थल में प्रसूत हुए थे और उनका जन्मदाता अरब का वह उम्मी (अनपढ़, निरक्षर व्यक्ति) था जिसका नाम मुह म्मद (सल्ल॰) है। मुह म्मद (सल्ल॰) के सिवाय संसार में और कौन धर्म प्रणेता हुआ है जिसने ख़ुदा के सिवाय किसी मनुष्य के सामने सिर झुकाना गुनाह ठहराया है…?”

“कोमल वर्ग के साथ तो इस् लाम ने जो सलूक किए हैं उनको देखते हुए अन्य समाजों का व्यवहार पाशविक जान पड़ता है। किस समाज में स्त्रियों का जायदाद पर इतना हक़ माना गया है जितना इस् लाम में? … हमारे विचार में वही सभ्यता श्रेष्ठ होने का दावा कर सकती है जो व्यक्ति को अधिक से अधिक उठने का अवसर दे। इस लिहाज़ से भी इस् लामी सभ्यता को कोई दूषित नहीं ठहरा सकता।”

“हज़रत (मुह म्मद सल्ल॰) ने फ़रमाया—कोई मनुष्य उस वक़्त तक मोमिन (सच्चा मु स्लिम) नहीं हो सकता जब तक वह अपने भाई-बन्दों के लिए भी वही न चाहे जितना वह अपने लिए चाहता है। … जो प्राणी दूसरों का उपकार नहीं करता ख़ुदा उससे ख़ुश नहीं होता। उनका यह कथन सोने के अक्षरों में लिखे जाने योग्य है.

‘‘ईश्वर की समस्त सृष्टि उसका परिवार है वही प्राणी ईश्वर का (सच्चा) भक्त है जो ईश्वर के बन्दों के साथ नेकी करता है।’’ …अगर तुम्हें ईश्वर की बन्दगी करनी है तो पहले उसके बन्दों से मुहब्बत करो।’’
“सूद (ब्याज) की पद्धति ने संसार में जितने अनर्थ किए हैं और कर रही है वह किसी से छिपे नहीं है। इस् लाम वह अकेला धर्म है जिसने सूद को हराम (अवैध) ठहराया है …”

– ‘इस्ला मी सभ्यता’ साप्ताहिक प्रताप विशेषांक दिसम्बर 1925

RELATED ARTICLES

महिला से पूछा गया सवाल वह कौन सा कार्य है जो सिर्फ रात में ही किया जाता है?

बचपन से ही हर किसी का सपना होता है की वह आईएएस बने लेकिन हर कोई इस सपने को पूरा नहीं कर पाता। कोई...

इंटरव्यू सवाल – शरीर का वो कौन सा अंग होता है जहाँ कभी पसीना नहीं आता ?

हमारे देश के अधिकतर नवजवान आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखते है और आईएएस की परीक्षा हमारे देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से...

रजिया सुल्तान ने रचा इतिहास डायरेक्ट DSP बनने वाली पहली मुस्लिम महिला बनी

मशरक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एआर अंसारी की भतीजी रजिया सुल्तान ने बीपीएससी की 64वीं परीक्षा में सफल होकर...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

आयशा सुल्ताना के खि’ला’फ देश’द्रो’ह का के’स लगा तो bjp नेताओ ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली. लक्षद्वीप में स्थानीय बीजेपी नेता ही फिल्म प्रोड्यूसर और एक्ट्रेस आयशा सुल्ताना (Aisha Sultana) के खि'ला'फ देश'द्रो'ह का माम'ला दर्ज किए जाने...

साकिब उल हसन ने गु’स्से में उखाड़ फेके तीनो स्टम्प

नई दिल्ली. बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब उल हसन अक्सर वि'वा'दों में घिरे रहे हैं. कभी देश के क्रिकेट बोर्ड से ट'क:रा'व को लेकर, तो...

महिला से पूछा गया सवाल वह कौन सा कार्य है जो सिर्फ रात में ही किया जाता है?

बचपन से ही हर किसी का सपना होता है की वह आईएएस बने लेकिन हर कोई इस सपने को पूरा नहीं कर पाता। कोई...

इंटरव्यू सवाल – शरीर का वो कौन सा अंग होता है जहाँ कभी पसीना नहीं आता ?

हमारे देश के अधिकतर नवजवान आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखते है और आईएएस की परीक्षा हमारे देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से...

Recent Comments