जामिया के वैज्ञानिक ने स्तन कैंसर को लेकर कर डाली बड़ी खोज़, चारो तरफ से मिल रही बधाईयाँ –

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. मोह’म्मद असकंदर इकबाल और उनकी टीम ने ग्लूकोज उपयोगिता को विनियमित करते हुए स्तन कैंसर में सीबीएक्स2 और सीबीएक्स7 जीन की भूमिका की खोज की। संक्षेप में, यह अध्ययन सीबीएक्स2 प्रो-कैंसर की भूमिका को दर्शाता है जबकि सीबीएक्स7 एंटी-कैंसर, स्तन कैंसर में ग्लूकोज मेटाबोलिज्म पर उनके प्रभाव पर आधारित है।

जीन साइलेंसिंग प्रयोगों के अंतर्गत 3000 से अधिक स्तन कैंसर रोगियों से बड़ी मात्रा में विविध मोलिक्यूलर डेटा (मल्टीओमिक्स के रूप में संदर्भित) का उपयोग करते हुए डॉ. इकबाल की टीम ने सीबीएक्स2 की सकारात्मक भूमिका और स्तन कैंसर कोशिकाओं के लिए ग्लूकोज की खपत को विनियमित करने में सीबीएक्स7 की नकारात्मक भूमिका की पहचान की।

निष्कर्षों की जैविक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए, सीबीएक्स2 जीन को सामान्य (गैर-कैंसर) स्तन ऊतक की तुलना में स्तन कैंसर में उच्च स्तर पर व्यक्त किया गया, जबकि सीबीएक्स7 में ठीक इसके विपरीत प्रवृत्ति देखी गई। इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार सीबीएक्स2 और सीबीएक्स7 अभिव्यक्ति की स्थिति स्तन कैंसर की आक्रामकता से संबंधित है, अर्थात अधिक घातक कैंसर सीबीएक्स2 के उच्च स्तर और कम सीबीएक्स7 को व्यक्त करते हैं।

डॉ. इकबाल और टीम ने यह भी पाया कि स्तन कैंसर रोगियों के ट्यूमर में उच्चतर सीबीएक्स2 और कम सीबीएक्स7 वाले दो जीनों की अभिव्यक्ति के रिवर्स ट्रेंड वाले लोगों की तुलना में कम जीवित रहने की संभावना दिखाई दी। अंत में, टीम ने उन दवाओं की पहचान की जो सीबीएक्स2 और कम सीबीएक्स7 अभिव्यक्ति के साथ स्तन कैंसर के रोगियों के इलाज में अधिक प्रभावी हो सकती हैं।

“मल्टीओमिक्स इंटीग्रेटिव एनालिसिस एंटाजोनिकस्टिक रोल ऑफ़ CBX2 एंड CBX7 इन मेटाबोलिक रिप्रोग्रामिंग ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर” नामक यह शोध मोलिक्युलर ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित है जो कि ऑन्कोलॉजी- कैंसर के क्षेत्र में चिकित्सा विज्ञान में कैंसर अध्ययन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक प्रतिष्ठित जर्नल में से एक है

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