ताजमहल के प्रभारी और ASI के रिटायर्ड इंजिनियर का ताजमहल के बंद कमरो को लेकर बड़ा खुलासा

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हर चार-छह महीने में लफंडर लोग अदालत पहुंच जाते है ताजमहल को लेकर इस फिर 22 बंद कमरों का मसला लेकर अदालत पहुंच गए इस बार ताजमहल का बंद तहखाना सुर्खियों में है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर करने वाले अयोध्या निवासी डा. रजनीश सिंह ने तहखाना में कमरे होने का हवाला देते हुए उन्हें खुलवाने को याचिका दायर की है। अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। एएसआइ (ASI) के रिटायर्ड अधिकारी का दावा है कि उन्होंने ताजमहल के नीचे कमरों जैसा कोई निर्माण नहीं देखा। लेकिन वहां गलियारा और फाउंडेशन पिलर ज़रूर हैं।

ASI के आगरा सर्किल से उपाधीक्षण पुरातत्व अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए एमसी शर्मा (MC Sharma) बताते हैं वह साढ़े चार वर्ष तक ताजमहल के प्रभारी और नौ वर्ष तक इंजीनियर रहे। ताजमहल के बेसमेंट में नीचे गलियारा और ब्लाक टाइप के फाउंडेशन पिलर हैं। इनका संरक्षण सीबीआरआइ (CBRI) की रिपोर्ट आने के बाद कराया गया था। काफी मजदूरों ने काम किया था।

पता नहीं, कमरों की चर्चा कहां से आ गई। उन्होंने ऐसा निर्माण वहां नहीं देखा है। उन्होंने बताया कि नदी व समुद्र किनारे बनने वाले भवनों व पुलों के निर्माण में पाइल्स (वैल) फाउंडेशन का इस्तेमाल होता है। आगरा में यमुना किनारे बने एत्माद्दौला, रामबाग, मेहताब बाग समेत अन्य स्मारकों में पाइल्स फाउंडेशन का ही इस्तेमाल हुआ था। वहीं, एप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुद्दीन का कहना है कि यमुना किनारे ताजमहल के दो दरवाजे दशहरा घाट व बसई घाट की बुर्जियों के नजदीक खुले हुए थे। यहां से सीढ़ियां ऊपर जाती थीं। दोनों बुर्जियों के बीच गलियारा है। वहां पिलर और निच हैं। कमरों जैसा अस्तित्व नहीं है। स्मारकों के हिस्सों को बंद किए जाने से नए-नए किस्से गढ़े जा रहे हैं। इसके लिए एएसआइ ही जिम्मेदार है, उसने संरक्षण व सुरक्षा के नाम पर स्मारकों को बंद कर रखा है। बंद हिस्सों को खोल देना चाहिए।

एत्माद्दौला में एएसआइ द्वारा वर्ल्ड मान्यूमेंट्स फंड के सहयोग से संरक्षण का काम कराया गया था। वित्तीय वर्ष 2015-16 में यमुना किनारा की तरफ बंद 24 कोठरियों को खोला गया था। उनके अंदर सिल्ट भरी हुई थी। माना जाता है कि ब्रिटिश काल में अक्टूबर, 1924 में यमुना में बाढ़ आने के बाद इन कोठरियों के दरवाजे हटाकर दीवार चिनवा दी गई थी।

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