महज़ 12वीं पास अर्शी खान ने खड़ा किया 75 लाख का बिज़नेस, जानिए कैसे

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25 साल की अर्शी खान, मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं. वैसे तो अर्शी सिर्फ 12वीं पास हैं लेकिन, उन्होंने अपने हुनर से लाखों का बिजनेस खड़ा कर दिया है. अर्शी ने साल 2018 में, छात्रों की मदद के लिए ‘कॉलेज खबरी’ नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को शुरू किया था. खास बात यह है कि इस स्टार्टअप को उन्होंने महज 25 हजार रूपये में शुरू किया था लेकिन, आज इसका सालाना 75 लाख रुपयों का टर्नओवर है.

लेकिन, उनके यहाँ तक पहुँचने का रास्ता आसान नहीं था. वह कहती हैं, “मैं बचपन से ही इंजीनयरिंग कर, जॉब करना चाहती थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी बिजनेस करूंगी.”

वह आगे कहती हैं, “मैं भोपाल से बाहर निकल कर, नये शहरों को देखना और उनके बारे में जानना-समझना चाहती थी। मैंने छह साल पहले 12वीं पास करने के बाद, वीआईटी वेल्लोर में दाखिला ले लिया था। लेकिन, इसी दौरान मेरे पिताजी की डायबिटीज के कारण किडनी खराब हो गई.”

इसके बाद, अर्शी ने तय किया कि वह अपने पिताजी के पास ही रहेंगी और उनकी देखभाल करेंगी। लेकिन, करीब आठ महीने तक इलाज चलने के बाद, वह चल बसे। उनकी मौत से एक दिन पहले, कुछ ऐसा हुआ, जिससे अर्शी की पूरी जिंदगी बदल गई.

वह कहती हैं, “मौत से एक दिन पहले, उन्होंने मुझे एक थप्पड़ मारा। मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा क्यों किया। लेकिन, मुझे अहसास हुआ कि शायद वह कह रहे थे कि जो हुआ सो हुआ, अब जग जाओ.”

अपने पिता की मौत के बाद अर्शी के लिए, इंजीनयरिंग करने के लिए वापस जाना आसान नहीं था और उन्होंने यहीं रह कर कुछ करने का फैसला किया. उनके पिता एक कंसल्टिंग बिजनेस चलाते थे और अर्शी इसे आगे बढ़ाना चाहती थीं। लेकिन, उनकी माँ और बड़ी बहन को लगता था कि यह काम लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है. इसके बाद, अर्शी ने कुछ अपना शुरू करने का विचार किया.

वह कहती हैं, “कुछ अपना शुरू करने के लिये मुझे पैसों की जरूरत थी। इसलिए, मैंने एनजीओ में काम करना शुरू कर दिया। कुछ समय तक काम करने के बाद, मैंने अपने एक दोस्त रॉथर जैलेस की सलाह के बाद, 25 हजार रूपये से ‘कंसल्टर’ नाम की एक कंपनी की शुरुआत की। इसके जरिए मैं छात्रों को कॉलेज में एडमिशन लेने में मदद करती थी।”

वह आगे कहती हैं, “मैं इस बिजनेस को दूसरे राज्यों में फैला कर, अपने दायरे को बढ़ाना चाहती थी। इसीलिए इसे एक साल चलाने के बाद, मैंने अपने स्किल को बढ़ाने के लिए पुणे की एक संस्थान में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी।”

अर्शी जब एक महीने के लिए पुणे जा रही थीं, तो रॉथर के कुछ दोस्तों को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए, एक जगह की तलाश थी। ऐसे में, अर्शी ने इंसानियत दिखाते हुए, उन्हें अपने ऑफिस को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया.

लेकिन, जब वह पुणे से आईं तो उन्होंने देखा कि वहाँ दूसरा ताला लटका हुआ है और उन लोगों ने, मालिक से यह कह कर ऑफिस अपने नाम कर लिया कि अर्शी अब पुणे में ही रहेंगी.

इस घटना ने अर्शी को झकझोर दिया और उन्हें लगा कि अब सबकुछ खत्म हो गया है। लेकिन, रॉथर ने उनका साथ दिया और कहा कि हम एक बार और कोशिश करते हैं. इस तरह, उन्होंने एक नई जगह की तलाश कर, अपने बिजनेस को फिर से शुरू किया.

वह कहती हैं, “करीब एक साल तक इस बिजनेस को चलाने के बाद, हमने तय किया कि अब हम डिजिटल मंच पर काम करेंगे। लेकिन, मेरे और रॉथर के पास इसका कोई अनुभव नहीं था और डिजिटल मार्केटिंग कंपनियाँ 10-12 लाख रुपए की माँग कर रही थीं। जो हमारे बजट से बाहर था।”

इस बीच उनकी मुलाकात अविनाश सेठ से हुई, जो कि अपना एक स्टार्टअप चला रहे थे. उन्हें मार्केटिंग की जरूरत थी और अर्शी को टेक्निकल सपोर्ट की। उन्होंने एक-दूसरे की मदद की। आज अविनाश उनके बिजनेस के चीफ टेक्निकल ऑफिसर (मुख्य तकनीकी अधिकारी) हैं.

इस तरह, अर्शी ने 2018 में, ‘कॉलेज खबरी’ को शुरू किया. इसके तहत वह छात्रों को करियर के विकल्प चुनने से लेकर कॉलेज में एडमिशन लेने तक में मदद करती हैं.

वह कहती हैं, “यहाँ छात्रों की कई चरणों में काउंसलिंग की जाती है। इस काउंसलिंग को छात्रों के कौशल के आधार पर किया जाता है। फिर, हमारे विशेषज्ञ उन्हें कई करियर विकल्पों के बारे में बताते हैं। इसके बाद हम उन्हें कॉलेज चुनने और छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) पाने में भी मदद करते हैं.”

वह आगे बताती हैं, “हम अपने प्लेटफॉर्म पर छात्रों के लिए अलग-अलग वीडियो बनाते हैं, जिससे उन्हें काफी मदद मिलती है। हम छात्रों को उनके रुझान या दिलचस्पी की बजाय, उनके कौशल तथा गुणों के पैमाने पर मापते हैं। क्योंकि, दिलचस्पी हमेशा बदलती रहती है और कौशल से करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलती है।”

इसी कड़ी में, भोपाल के रहने वाले अक्षत दुबे कहते हैं, “साल 2019 में, मैं अपने ग्रैजुएशन के दौरान, कॉलेज खबरी में इंटर्नशिप कर रहा था। यहाँ मुझे एमबीए की तैयारी करने में काफी मदद मिली कि तैयारी कैसे करनी चाहिये, प्रश्नों के उत्तर कैसे देने चाहिये आदि.

उनकी मदद से मुझे इंदौर के ‘जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ में दाखिला मिल गया। आज मैं ‘फोन पे’ कंपनी की मार्केटिंग टीम में काम कर रहा हूँ।”

आज कॉलेज खबरी छात्रों को निजी संस्थानों के साथ-साथ, सरकारी संस्थानों में भी दाखिला लेने में मदद करती है। ये अब तक 4000 से अधिक छात्रों को इंजीनियरिंग, एमबीए, एमबीबीएस, लॉ जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिला दिला चुके हैं। 

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