ऑस्ट्रियाई अदालत ने हटाई हिजाब पहनने पर लगी पाबंदी, जजमेंट में कहि बड़ी बात

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देश-विदेश : ऑस्ट्रिया की एक अदालत ने प्राथमिक विद्यालयों में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर लगाए प्रतिबंध को “असंवैधानिक” करार देते हुए रद्द कर दिया है । संवैधानिक न्यायालय के प्रमुख क्रिस्टोफ ग्रैबवेनर ने कहा, प्रतिबंध समानता,विचार, विश्वदृष्टि और धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है ।

ग्रैबवेनर ने कहा कि कानून केवल मुस्लिम छात्रों को न केवल निशाना बना रहा था बल्कि शिक्षा प्रणाली में भी भेदभाव का कारण बना। उन्होंने कहा कि कानून मुस्लिम महिलाओं के लिए शैक्षणिक अवसरों को सीमित करने का जोखिम रखता है और इससे उन्हें समाज से बाहर रखा जा सकता है ।

इस प्रतिबंध में सिखों, यहूदियों को छूट दी गई थी। जब प्रतिबंध का आदेश दिया गया था, तो ऑस्ट्रियाई सरकार ने कहा था कि सिख लड़कों द्वारा पहने जाने वाले पटाका सिर या यहूदी यर्मुलके प्रभावित नहीं होंगे ।

2017 के आकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रिया में अनुमानित 700,000 मुसलमान रह रहे थे जो देश की लगभग 8 प्रतिशत आबादी है। जो आंशिक रूप से कई तुर्कों का एक समूह था जो 1960 और 1970 के दशक में काम करने के लिए ऑस्ट्रिया आए थे और यहाँ पर रुके थे ।

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख शिनजियांग में उइगरों की दुर्दशा को लेकर चिंतित

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने बुधवार को कहा कि वह चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइघुर समुदाय के गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी रिपोर्टों को लेकर चिंतित है और वह इस क्षेत्र का दौरा करना चाहते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त मानवाधिकार मिशेल बेचेलेट ने कहा पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “ये रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों से आई है, लेकिन हमारे सामान्य अभ्यास के अनुरूप, मेरी टीम इन मुद्दों पर हमें प्राप्त होने वाली सामग्री को मान्य करने की कोशिश कर रही है।”

इससे पहले फरवरी में, बाचेलेट ने मानवाधिकार परिषद को बताया, “हम उइघुर अल्पसंख्यक के सदस्यों की स्थिति सहित चीन में मानव अधिकारों की स्थिति का गहराई से विश्लेषण करने की कोशिश करेंगे।”

उन्होने कहा, “हम इस प्रस्तावित यात्रा की तैयारी में एक अग्रिम टीम के लिए मुक्त आवजाही का अनुरोध करना जारी रखेंगे।”

संयुक्त राष्ट्र के अधिकार प्रमुख ने कहा कि उनके कार्यालय और चीनी सरकार के बीच “चीन की यात्रा पर सीधी बातचीत शुरू हुई थी।” यह बातचीत COVID-19 महामारी के दौरान भी जारी रही ।

बाचेलेट ने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र की टीम के लिए उनके कार्यालय और चीनी सरकार जिस प्रारूप पर काम कर रहे थे, उससे “सार्थक पहुंच” बनेगी।

बता दें कि इस क्षेत्र में 10 मिलियन उइगरों का निवास है। शिनजियांग की लगभग 45% आबादी वाले तुर्क मुस्लिम समूह ने लंबे समय से चीन के अधिकारियों पर सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक भेदभाव का आरोप लगाया है ।

(कोहराम न्यूज से साभार)

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