इस वजह से भारत मे नही दुबई में रहते है मुन्ना भाई संजय दत्त

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बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) आजकल फिल्मों की शूटिंग में काफी व्यस्त चल रहे हैं. फिल्म कमिट्मेंट्स पर लगातार काम कर रहे हैं. जिम में पसीना भी बहा रहे हैं और खुद को फिट रखने की कोशिश में जुटे हैं. कुछ ही समय पहले संजय दत्त की फिल्म ‘केजीएफः चैप्टर 2’ (KGF: Chapter 2) रिलीज हुई थी. फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. दर्शकों के बीच संजय दत्त विलेन के रोल में छा गए. आने वाले समय में संजय दत्त की और भी फिल्में रिलीज होने की कगार पर हैं. फैन्स बेहद एक्साइटेड हैं.

संजय दत्त ने कही यह बात प्रोजेक्ट्स पर काम करने के साथ संजय दत्त कुछ समय निकालकर अपने बच्चों शाहरान और इकरा से मिलने के लिए दुबई गए हुए हैं. 11 साल के जुड़वां बच्चे पिछले दो साल से दुबई में रह रहे हैं. एक्टर लगातार दुबई के चक्कर लगा रहे हैं, जिससे वह अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकें. पिछले दो साल से परिवार से दूर रहने को लेकर संजय दत्त ने एक इंटरव्यू में कहा, “मैं खुश हूं कि मेरे बच्चे वहां पढ़ाई कर रहे हैं. मेरी पत्नी मान्यता के पास भी वहां चीजें करने के लिए काफी हैं. मैं ज्यादातर समय दुबई में उन्हीं के साथ बिताता हूं. जब भी मुझे अपने प्रोफेशल कमिट्मेंट्स से फुरसत मिलती है तो मैं उनके पास चला जाता हूं. अब समर ब्रेक आने वाला है तो मैं उन्हीं के साथ टाइम स्पेंड करूंगा. मैं हर उस जगह ट्रैवल करने के लिए रेडी हूं, जहां वे हैं.”

संजय दत्त के बच्चे साल 2020 से दुबई में हैं. पहले लॉकडाउन लगने से पहले ही मान्यता संग बच्चे दुबई रवाना हो गए थे. इंटरव्यू में संजय दत्त से पूछा गया कि क्या उन्होंने यह दुबई का उनका स्टे प्लान किया था? इसपर संजय दत्त ने कहा, “वे यहां कभी भी आ सकते हैं, लेकिन उन्हें वहां रहना अच्छा लग रहा है. उन्हें अपना स्कूल पसंद है और वहां करवाई जाने वाली एक्टिविटीज भी. मेरी पत्नी का बिजनेस वहां सेटल है. हम सभी यहां रहे हैं. फिल्म बिजनेस होने के बावजूद हम सभी ने परिवार की देखरेख की है. हम लोग सब इधर ही बड़े हुए हैं. वहां उन्हें भेजने की कोई प्लानिंग नहीं थी. यह बस हो गया. दुबई में मान्यता अपना खुद का बिजनेस कर रही हैं. उन्हें आइडिया आया और वह वहां चली गईं. साथ में उनके बच्चे भी गए.

संजय दत्त ने कहा कि मेरी बेटी वहां पियानो सीख रही है. वह एक बेहतरीन स्प्रिंटर है. वह जिमनास्टिक्स में भी बेहतरीन है. मेरा बेटा जूनियर प्रोफेशनल फुटबॉल टीम के लिए खेलता है. उनकी खुशी मेरे लिए सबकुछ है. वे वहां कुश हैं और उन्हें देखकर मैं खुश होता हूं.

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