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Interview Question : भारत देश का सबसे युवा IPS ऑफिसर मुस्लिम है ,नाम बताओ

भारत सबसे अधिक युवाओं वाला देश है। हमारे देश भारत में आज युवा हर क्षेत्र में आगे आकर देश को नई दिशा देते नज़र आते हैं। हर क्षेत्र देश के युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। जिसमे सिविल सेवा भी शामिल हैं। जहां बहुत कम उम्र के छात्र UPSC परीक्षा पास करके अफसर बने हैं। इन्होंने बहुत कम ही उम्र में अफसर बनकर कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इन योद्धाओं ने अफसर के पद को वरिष्ठ लोगों की बपौती माने जाने वाली अवधारणा को तोड़कर रख दिया है। इन लोगो ने बहुत कम उम्र में इतनी बड़ी कामयाबी हासिल कर के इतिहास रचा दिया है। और इनकी कहानी देश के कोने-कोने में युवाओं में इंस्पायर करने वाली हैं।

आज हम अपने इस पोस्ट में देश के सबसे युवा आईपीएस के बारे में जानेगे जिन्होंने, बहुत कम उम्र में आईपीएस ऑफिसर का पद हासिल किया है। देश के सबसे युवा आईपीएस हसन सफ़ीन है। जिन्होंने अपनी कम उम्र में ये मुकाम हासिल किया है। और देश की सेवा में जुड़ गए।


आपको बता दे गुजरात के एक छोटे से गाँव के रहने वाले हसन सफीन अनेक असुविधाओं के बावजूद भारत के सबसे युवा आईपीएस अफसर बने। इन्होने जून, 2016 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। वह यूपीएससी और जीपीएससी की परीक्षा में बैठे। हसन ने यूपीएससी की लिखित परीक्षा 570वीं रैंक के साथ पास किया था। गुजरात पीएससी में भी उन्होंने सफलता हासिल की। आईपीएस की ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली पोस्टिंग जामनगर में हुई है। सफ़ीन हसन गुजरात के छोटे से गांव कणोदर के रहने वाले हैं, उनके पिता मुस्तफ़ा हसन और मां नसीमा बानो हीरा तराशने का काम करते हैं।

हसन की मां नसीमा बनो ने बेटे को 10वीं तक पढ़ाने के लिए 14 साल तक लोगों के घरों मे काम किया। पिता इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। उन्होंने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई गांव में ही की। उनकी खराब आर्थिक स्थिति देख कर पालनपुर के स्कूल ने 11वीं और 12वीं की फीस माफ कर दी गई थी। जब उनका दाखिला इंजीनियरिंग में हुआ तो रिश्तेदारों ने फीस भरने में मदद की। यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जाने के लिए ज्यादा पैसे चाहिए थे, तब गांव के हुसैनभाई और जरीना बेन ने मदद की थी।

आपको बता दे जब हसन 10 साल के थे तब वह अपनी मौसी के साथ मेले में कलेक्टर की लाल बत्ती वाली कार देखी थी। कलेक्टर का रूतबा देख कर मौसी से पूछा, तो उन्होंने कहा, यह जिले के राजा हैं। तभी से हसन ने अफसर बनने का फैसला कर लिया था। हसन ने गुजरात पीएससी परीक्षा में 34वीं रैंक के साथ पास की थी। उन्हें जिला रजिस्ट्रार की नौकरी भी मिली, लेकिन उन्होंने कोशिश जारी रखी और आईपीएस बनकर ही दम लिया।

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