बड़ा खुलासा- तबरेज ने खू’न देकर बचाई थी दो हि’न्दू युवकों की जा’न

तबरेज अंसारी, ये नाम जिसने अभी तक नहीं सुना शायद वो दुनिया से बड़ा ही बेरगबत है। या फिर सन्यासी या महात्मा है। तबरेज अंसारी जिसे पहले चोरी के शक में भीड़ ने जमकर पीटा और जब उसने नाम बताया तो खम्बे से बांधा और इतना मारा की वो अपनी जा’न से हाथ धो बैठा।

दिनांक 21 जून 2019 को झारखण्ड के खरसावां निवासी तबरेज अंसारी उर्फ सोनू को चोरी के आरोप में भीङ द्वारा बुरी तरह पिटाई की गयी। भीङ ने उनका नाम पुछा और फिर जय श्री राम, जय हनुमान का नारा लगवाया भीङ जालिम की तरह पिटती रही। फिर अस्पताल में उनका डे’थ हो गया। पोस्टमार्टम आज होना है। जानकारी मिल रही है कि तबरेज किसी दुसरे राज्य में वेल्डर का काम करता था ईद के‌ मौके पर घर आया था।

वायरल हुए तबरेज की पिटाई के वीडियो में दरिंदगी की इंतिहा तब हो गयी जब उससे जबर्दस्ती जय श्रीराम के नारे लगवाए जा रहे थे तो बेहोशी में उसके मुंह से आवाज़ नहीं निकल रही थी। लेकिन दरिंदे पीटते रहे और पब्लिक खड़ी तमाशा देखती रही। अब तबरेज के दोस्त ने एक खुलासा किया है. तबरेज के बारे में उसने बताया कि तबरेज ने एक बार सड़क पर एक्सीडेंट में तड़प रहे दो हिन्दू लड़कों को अस्पताल पहुंचाया और फिर उन्हें जब खून की जरूरत पड़ी तो खून भी दिया।

आप लोग फैंसला करें की जिस खून देकर जान बचाने वाले तबरेज का ही खून कर दिया गया आगे से “कौन” आपकी जान बचाएगा जब तबरेज बचेगा ही नहीं।

हंमे तबरेज अंसारी लिंचिंग पर एक झंझोड़ने वाला आर्टिकल मिला है, आप जरूर पढ़ें – मॉब लिंचिंग की हर घटना के बाद एक सवाल ज़रूर ज़हन में आता है। ये जो कुट जाते हैं इनके दोस्त, रिश्तेदार, ख़ानदान वाले, गांव वाले क्या कोई भी नहीं है जो मदद को आएं या बदले की बात करें ?

क्या भीड़ के न्याय का शिकार सिर्फ यतीम, ग़रीब और सीधे लोग ही हो रहे हैं ??

ये आपस में पीढ़ियों के बैर रखने वाली, नस्ल दर नस्ल बदला लेने वाली और ज़रा ज़रा सी बात पर मार पीट और जेल, कचहरी करने वाली क़ौम ही है न ?

ऐसे मामलों में इनकी दिलेरी, इनकी आपराधिक ग्रंथि और फ़र्ज़ी नाक कट कर कहाँ चली जाती है ??

या इनकी दिलेरी, नफरत और अपराध का निशाना भी अपने से कमज़ोर और सीधे लोग ही बनते हैं ???

कभी मज़बूत और बाहर वाले पर भी हिम्मत आज़माओ… कम से कम कुत्ते और गीदड़ की तरह तो नही मारे जाओगे, -जैगम मुर्तजा मौलाना पँचवेदी

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