शौहर को बीबी के साथ ऐसा कभी नहीं करना चाहिए, शादीशुदा लोग ध्यान दें

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इस्लाम

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इस्लाम में शादी को बेहद पाक रिश्ता माना जाता है. यूँ तो बाकी मजहबों में शादी को सात जन्म का रिश्ता मान लिया जाता है लेकिन इस्लाम में ऐसा नहीं है. इस्लाम के लिहाज़ से शादी एक अग्रीमेंट है. दरअसल इसकी वजह से महिलाओं या बीवी का पक्ष और मज़बूत हो जाता है और

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इस अग्रीमेंट के दौरान बीवी अपनी बात साफ़ तौर पर रख सकती है. हालाँकि शादी हो जाने के बाद बीवी और शौहर दोनों का अपना फर्ज इमानदारी से निभाने की हिदायत इस्लाम में दी गई है.

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हालाँकि कभी कभी ऐसा देखा जाता है कि बीवी और शौहर के बीच मुहब्बत कम और नाराज़गी ज्यादा पनपने लगती है और इसकी वजह से घरों में झगड़े भी शुरू हो जाते हैं. बात कभी कभी तो यहाँ तक

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पहुँच जाती है कि मर्द औरत पर हाथ तक उठा देता है लेकिन आपको बता दें कि यह बेहद गलत है और शरियत में इसे लेकर सख्ती से मना किया गया. खुदा ने कुरान में फ़रमाया है कि

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तुम्हारी बीवियां पैदा की तुमसे ही ताकि तुम आराम पाओ.इसके अलावा इस्लाम में बीवी और शौहर के बीच मुहब्बत पैदा होने की नसीहत दी गई है और जो लोग बीवी पर हाथ उठाते हैं,

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उन्हें सख्त हिदायत दी गई है. खुदा ने कहा है कि मैं तुम्हें औरतों के बारे में भलाई का हुक्म देता हूँ. खुदा ने फ़रमाया है कि यह पीसली से पैदा की गई अगर तुम उन्हें सीधा करना चाहोगे तो

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उसे तोड़ डालोगे अगर प्यार मोहब्बत से बात करोगे तो वह ठीक रहेंगी. इसलिए अपनी बीवी के साथ प्यार से पेश आने का हुक्म दिया गया है और यह भी कहा गया है

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कि अपनी बीवी की हर जायद और ज़रूरी ज़रूरतों को पूरा करना शौहर का फर्ज है. हदीस में साफ़ बता दिया गया है कि किसी भी जानदार के चेहरे पर मारना जायज नहीं हैवहीँ औरत के साथ ऐसा करना गुनाह कबीरा है. इसके बारे में हर किसी को सोचना चाहिए.

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