WC-2019: मौहम्मद शमी और महेंद्र सिंह धोनी के बारे में ओवैसी ने कही बड़ी बात,देखिए

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी का नाम भारत के उन बड़े राजनीतिक चेहरों में होती है जिन्हें देश की जनता हीरो मानती है,जिनकी बातों का सीधा असर होता है,जो बेबाक और निडर होकर अपनी राय रखते हैं।
आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं तमाम देशों की टीमों ने अपनी काबिलियत दिखाने के लिये कमर कस ली है,पूरी दुनिया की निगाहें भारत की तरफ टिकी हुई हैं,ऐसे में भारतीय टीम के कांधों पर बड़ी जिम्मेदारी आजाती है।

वर्ल्ड कप से पहले असदउद्दीन ओवैसी ने क्रिकेट पर बड़ा बयान दिया है और वर्ल्‍ड कप टीम में शामिल तीन तेज गेंदबाजों को लेकर बड़ा बयान देते हुए युवा पीढ़ी को लकी बताया है।ओवैस का ये बयान अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस के लिए लिखे कॉलम में उन्‍होंने क्रिकेट के प्रति ना सिर्फ अपने लगाव और किस्‍सों का जिक्र किया है बल्कि टीम इंडिया में मौजूद जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्‍वर कुमार और मोहम्‍मद शमी की पेस तिकड़ी को एक साथ देखने के लिए युवा पीढ़ी को लकी बताया है. हालांकि उन्‍होंने कपिल देव, जवागल श्रीनाथ और जहीर खान के भारतीय क्रिकेट में योगदान को भी ना भूलने वाला करार दिया है।

उन्‍होंने कहा, ‘अब समय बदल गया है और हर चीज सिस्‍टमैटिक हो गई है. मुझे उम्‍मीद है कि आने वाले वर्ल्‍ड कप में बुमराह, शमी और भुवनेश्‍वर की तिगड़ी बेस्‍ट बॉलिंग यूनिट के रूप में नजर आएगी. यकीनन इन तीनों को एक साथ गेंदबाजी करते हुए देखना देश की युवा पीढ़ी के लिए गौरव की बात है.’

धोनी को लेकर कही ये बात
धोनी जबर्दस्‍त टेम्‍प्ररामेंट रखते हैं और ट्यूनल विजन की तरह गेम पर नजर रखते हैं. उन्‍होंने हमें अपना दूसरा वर्ल्‍ड कप जिताया, लेकिन वह सभी प्रारूपों में शानदार रहे और उनका योगदान बहुत अधिक है, जो कि एक एसैट की तरह है. मैं उन्‍हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता और नहीं ये जानता हूं कि उन्‍होंने ये टेम्‍प्ररामेंट कैसे बनाया. लेकिन उन्‍होंने दिखाया है कि आक्रामक होने का मतलब केवल भावनाओं को इधर-उधर फेंकना नहीं है. जब वह भारत के लिए खेलते हैं तो उनकी परफॉर्मेंस बोलती है।

2011 वर्ल्‍ड कप ये बोले
ओवैसी ने कहा कि अगर मैं ईमानदारी कहूं तो जब हम 2011 के फाइनल में पहुंचे तो हमें पता था कि हम श्रीलंका को कुमार संगाकारा और महेला जयवर्धने से जैस दमदार खिलाड़ि‍यों के बावजूद हरा सकते हैं, क्‍योंकि हमारे पास ‘तोप’ जैसा दमदार बैटिंग लाइन अप है. सभी ने अच्‍छा खेल दिखाया और हम चैंपियन बन गए।
2019 वर्ल्‍ड कप को लेकर उन्‍होंने कहा, ‘ मैं भारत को फिर से वर्ल्‍ड कप चैंपियन बनते हुए देख रहा हूं, लेकिन इस बार मैं चाहता हूं कि हमारे गेंदबाज पार्टी में आएं.’

क्रिकेट के खेल से भी असदुद्दीन ओवैसी का खास लगाव रहा है. अपने कॉलेज के दिनों में उस्मानिया यूनिवर्सिटी की तरफ से बेंगलुरू यूनिवर्सिटी के खिलाफ छह विकेट लेकर सनसनी मचाई थी. जबकि इस टूर्नामेंट में उनके विरोधी गेंदबाज़ वेंकटेश प्रसाद थे, जो बाद में भारतीय क्रिकेट की बड़ी पहचान बने. हालांकि विदेश में पढ़ाई करने की चाहत के कारण उनका खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट सफर अंडर-25 विज्‍जी ट्रॉफी से आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन वह आज भी इस खेल में जबर्दस्‍त दिलचस्‍पी रखते हैं।

(inquilab से साभार)

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