इन 4 बातों को बीवी से कभी ना बताये, हज़रत अली ने फ़रमाया

अस्सलाम ओ अलैकुम दोस्तों, एक बार फिर हम आपके बीच हाज़िर हैं. हम आज आपसे ऐसी बात करने वाले हैं जो बहुत ज़रूरी है. हज़रत अली रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु के अक़्वाल तमाम दुनिया के लोगों के लिए मिशअल-ए-राह हैं.आप रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु की फ़हम-ओ-फ़िरासत से दुनिया का कोई भी इंसान नहीं जो वाक़िफ़ नहीं.

हुज़ूर-ए-पाक सलल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आपको बाबुल इल्म कहा था नबी पाक की इस हदीस का मतलब ये है कि मैं इलम का शहर हूँ और अली उस का दरवाज़ा है. कोई भी ऐसा इलम नहीं है जो हज़रत अली अल्लाहु ताला अन्हु के पास नहीं था.यही वजह है कि सदीयों से लोगों ने इलम के इस दरवाज़े से रोशनी हासिल की और तीरगी हासिल की और क़ियामत तक आपके अक़्वाल से लोग अपनी ज़िंदगी सँवारते रहेंगे.

हज़रत अली रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु की ज़िंदगी से ऐसे बहुत से वाक़ियात मिलते हैं जिनकी वजह से लातादाद लोगों की ज़िंदगी बदल गई. हुज़ूर-ए-पाक की विरासत से इलम का ये आलम था कि आप रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु जब भी मैंबर पर बैठते तो मुस्लमानों से कहते कि पूछो मुझसे क्या पूछते हो सवाल करो मुझसे क्या सवाल करते हो.

आज हम हज़रत अली रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु का एक ऐसा वाक़िया ज़िक्र करेंगे जिसमें हमारे लिए एक ऐसी फ़िक्र छुपी है कि किन बद अम्मालियों का इर्तिकाब करने वालों की ज़िंदगी कम होती है. तो दोस्तों एक शख़्स हज़रत अली रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु के पास हाज़िर हुआ और सवाल क्या ए अली रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु वो कौन से लोग हैं जो जल्दी मर जाते हैं और कौन से लोग हैं जो देर से मरते हैं.

तो हज़रत अली रज़ी अल्लाहु ताला अन्हु ने फ़रमाया एक तो वो शख़्स जो अपनी निगाहों को इधर उधर फेरता रहता है दुनियावी ख़ाहिशात और लज़्ज़तों के पीछे भागता रहता है तो वो अपनी मौत को अपने पीछे माइल करता है और इस तरह वो बीमारीयों और परेशानी में मुब्तिला हो जाता है.

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