सनसनीखेज – बहराइच जेल में मुस्लिम व्यक्ति को पीट पीट कर मार डाला

पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिला जेल में लगभग दर्जन भर कैदियों कि मौत हो चुकी है। लेकिन शासन और प्रशासन अब तक कान में तेल धरे पड़ा हुआ है। इन में से बहुत से मामले तो ऐसे हैं कि जिन पर न तो मृतक के परिवार ने कभी कोई सवाल उठाया है और न ही जांच की कोई मांग की है।

अभी हालिया मामला एक साज़ायाफ्ता कैदी युसुफ का है जिसकी संदिग्ध पिस्थितियों में जेल में मौत हो जाती है। मृतक युसुफ की कहानी कुछ इस प्रकार है- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी (मृतक युसूफ) की 14 सितंबर 2018 को संदिग्ध परिस्थितयों में जिला जेल में मौत हो गयी जो कि जनपद लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी ग्राम मूडा निजाम का रहने वाला था। मृत्यु की सूचना लिखित रूप से परिजनों को दिनांक 15 सितंबर 2018 को दी गयी जिस में कहा गया की अधिक बीमार होने की वजह से इलाज़ के दौरान मौत हुई है।

मरहूम युसूफ की एक तस्वीर जिसमे चोट के निशान साफ़ देखे जा सकते हैं ( Courtesy: Facebook)

जिला बहराइच से जब डेड बॉडी मृतक के जनपद लखीमपुर खीरी स्थित घर पर गयी तो रिश्तेदारों ने कफ़न दफ़न के लिए नहलाते वक़्त मृतक के शरीर पर कई चोट के निशान देखे और उनके फोटो लिए तथा पढ़े लिखे लोगों से चर्चा की जिस के बाद मृतक का भतीजा मेराज जनपद बहराइच गया और थानेदार, छेत्रधिकारी, जेलर से पंचनामा तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट की फोटोकॉपी मांगी तथा जेल के कैमरे के फुटेज देखने की मांग की।

मेराज की किसी भी मांग को नहीं माना गया और न ही कोई फोटोकॉपी उपलब्ध कराई गयी। तत्पश्चात जब मेराज दोबारा बहराइच गया और पुलिस अधीक्षक बहराइच के पास गया तब उनके आदेश से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की फोटोकॉपी बमुश्किल दी गयी। जिसके अध्ययन में शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं दिखाई दिए। जबकि पंचनामा में मृतक के शरीर पर कई संघर्ष के निशान के बारे में अंकित है। पंचनामा में निशान का विवरण ठीक उसी जगह पर है जहाँ पर फोटो में मृतक के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं।

थाना स्तर से लेकर मुख्यमंत्री सहित तमाम अधिकारियों के पास प्रार्थना पत्र भेजते हुए मेराज ने अपने चाचा युसूफ की हत्या के सम्बन्ध में मुकद्दमा लिखे जाने की मांग की परन्तु किसी भी अधिकारी ने कोई कार्यवाही नहीं की। अंतत मेराज ने लखनऊ हाइकोर्ट में अपने चाचा के शरीर के दोबारा पोस्टमार्टम कराये जाने की मांग करते हुए writ के जरिये अधिवक्ता Adv Mohd Aziz Mansoori के द्वारा याचिका दाखिल की जिस में मामले के तथ्यों व अधिवक्ता द्वारा बहस किये गए पॉइंट्स के बाद न्यायलय ने जेलर, सी एम् ओ, पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों को मय पोस्टमार्टम की विडिओग्राफी के तथा सम्बंधित दस्तावेजों के साथ कोर्ट में हाज़िर होने को कहा।

 

पोस्टमार्टम की विडियोग्राफी दो जजेज की बेंच ने खुद भी देखी जिसमें पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करने वाले ने जानबूझकर मृतक शरीर के गर्दन की चोटों पर कैमरा ना ले जाकर के बूझकर कैमरे से उन चोटों को छिपाया गया जो पंचनामे और फोटोग्राफ में है। कोर्ट ने तमाम दस्तावेज़ देखने और अधिकारियो के संदिग्ध रवैये से नाराज़ होकर तमाम दस्तावेज़ स्टेट मेडिको लीगल सेल को भेजकर मृत्यु का कारण बताने को कहा। कोर्ट को प्राप्त हुई स्टेट मेडिको लीगल सेल की रिपोर्ट में यह आया है कि मृतक की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से नहीं हुई है। इसमें फ़ाउल प्ले मतलब बेइमानी की गयी है।

दिनांक 1 अप्रैल 2019 को सुनवाई के दौरान न्यायलय ने यह आदेश दिया कि अग्रिम आदेशों से पहले सभी ज़िम्मेदार अधिकारीयों को आदेशित किया जाता है की वह रिट में वर्णित बातो का जवाब अलग अलग शपथ पत्र दाखिल करके एक सप्ताह के अंदर दें।

न्यायलय ने अपने आदेशो में यह आदेश भी डीएम और जिला जज’ बहराइच को दिया था की जेल की उस दिन की सी सी टीवी फुटेज को संरक्षित किया जाय और मामले की मेजेस्ट्ररीयल जांच पूरी कर जांच रिपोर्ट इस न्यायलय को सौंपी जाय अगर मेजेस्ट्ररीयल जांच सम्पादित न हुई हो तो उसका कारण भी बताया जाए। अब मेराज को यकीन है कि वकील मोहम्मद अज़ीज़ मंसूरी के प्रयासों से उसके चाचा युसुफ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के राज़ से पर्दा हटेगा और मेराज आश्वस्त हैं कि उनके हत्यारों अथवा उनकी हत्या में संलिप्त लोगों को सज़ा भी हो जाएगी।

यदि आप की भी जानकारी में ऐसी कोई घटना हुई हो, या आप किसी ऐसे विचाराधीन या साज़ायाफ्ता कैदी को जानते हों जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई हो तो कृपया ख़ामोश मत बैठिए। अगर मामला उत्तरप्रदेश या आसपास का है तो एडवोकेट अज़ीज़ मंसूरी से संपर्क कीजिए। वो आप की हर संभव मदद करेंगे।

(ये आर्टिकल हमे Anuradha Gupta के माध्यम से प्राप्त हुआ जिसे सोशल मीडिया एक्टिविस्ट Mohammad Khalid Hussain ने अपनी फेसबुक वॉल पर साझा किया है।)

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