तुर्की : पहला मुस्लिम देश जिसने चीन को दिखाई आँख- “अब बंद करो मुसलमानों पर अ’त्याचार”

तुर्की : ईमान आपस में मोहब्बत पैदा करता है और दुनिया में सभी मुसलमान आपस में भाई भाई है अगर किसी भी देश में किसी भी मुसलमान को कोई तकलीफ होती है तो दर्द अभी भाईय्यो को होना चाहये ये शिक्षा है इस्लाम की। वैसे तो दुनिया मे अनेकों ऐसे देश हैं जहाँ मुसलमानों की हुकूमत है । लेकिन इस के बावजूद भी किसी मे इतनी हिम्मत नहीं होती कि मुसलमानों के खिलाफ होने वाले ज़ुल्म पर अपनी आवाज़ बुलंद कर सकें । लेकिन इस बीच एक ऐसा देश भी है जो मुसलमानों के खिलाफ दुनिया के किसी भी कोने मे हो रहे अत्याचारों के खिलाफ बोला के लिए तैयार रहता है। इस देश का नाम है तुर्की ।

-आप को बता दें कि समय चीन एक ऐसा देश है, जो मुसलमानों के खिलाफ क्रू’रता दिखाने मे काफी आगे है । जुल्म किसी पर भी किया जाए उसके खिलाफ सब को बोलना चाहये और अगर धर्म देख कर जुल्म जो लोग कर रहे है उन पर अल्लाह का अज़ाब नाजिल होकर रहेगा :

“चीन के उईगर मुसलमानों की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है।इसका एक और उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब चीन के एक नामी मुस्लिम संगीतकार को 8 साल की सजा सुनायी गयी।जिसे बाद आखिरकार एक लम्बी प्रताड़ना के बाद उनकी जेल में मौत हो गयी ।यह विडंबना ही है कि इस मौ’त के बाद भी किसी भी इस्लामिक देश में हिम्मत नहीं हुई कि चीन के खिलाफ एक शब्द भी बोल सके ।

बात बात पर खुद को पर’माणु सम्पन्न देश बोलने वाला पाकिस्तान, जो चीन का काफी करीबी माना जाता है,उसने चीनी नेतृत्व के सामने अपना विरोध तक दर्ज नहीं कराया ।

ऐसे मे तुर्की ने साहस का परिचय देते हुए चीन के खिलाफ आवाज उठायी है।चीन में वीगर समुदाय के एक प्रमुख संगीतकार की मौत की रिपोर्टों के बात तुर्की ने चीन से वीगर मुसलमानों के लिए बनाए गए हिरासत कैंप बंद करने की मांग की है। तुर्की के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इन लोगों का कंसंट्रे’शन कैंपों में रखकर उत्पीड़न किया जा रहा है और चीन भले ही इसको छिपाने की कोशिश कर रहा हो पर अब ये दुनिया के सामने आ चुका है और चीन को इसको बंद करना ही होगा ।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले तुर्की ने म्यन्मार में कट्टरपंथी बौद्धों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की थी जब कुछ कट्टरपंथी बौद्ध अपने देश में रोहिंग्या मुसलमानों पर ज़ुल्म कर रहे थे। उन्हें देश से बाहर निकाल रहे थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *